Sunday, March 5, 2017

तोयं हमर के हकिस - सामपियारी

तोयं हमर  हकिस के कन्हैया
हाम तो आइज ले नइ जाने पारली

बेइर बेइर हामर मन
अरज से अचरज से तन्मयता से पूइछ हे :
'ई कनहाइ तोर के हके ? बुझ तो !'

बेइर बेइर हामर से सखी मन
चउल से , कटाछ से, कुटिल संकेत से पूइछ हयं:
"कनहाई तोर के हके रे, बोलिस काले नइ ?"

to be continued...
सामपियारी: मंजर बियाह पृष्ठ 41